अनुसूचित जाति, जनजाति कानून में बदलाव का विरोध में बुंदेलखंड के लोगों ने किया प्रदर्शन

एससी एसटी एक्ट में किये गये बदलाव के विरोध में बुन्देलखण्ड के लोगों ने प्रदर्शन किया हैं।
बांदा के मुन्ना का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट से कहना चाहते है कि एससी एक्ट क्वे तहत जब अत्याचार और उत्पीड़न होत है तो वह नजर क्यों नहीं आता है। प्रेमनारायण का कहना है कि बिना मतलब के कानून को तोड़-मरोड़ न करे वैसा ही रहने दें। जयनारायण का कहना है कि इस देश में बहुत सारे एक्ट बने हैं, समय-समय पर इनका दुरुपयोग भी हुआ है फिर एससी एक्ट में बदलाव क्यों हुआ है।
महोब के कमलेश वर्मा का कहना है कि संविधान व्यवस्था के साथ छेड़छाड़ न की जायें। राकेश का कहना है कि यह दलित विरोधी रणनीति है सरकार के साजिश पर न्यायपालिका काम कर रही है। इस कारण दलितों का उत्पीड़न बढ़ा है। राजकुमार ने बताया कि पुराने जमाने में जैसा होता था आगे झाड़ू पीछे तबला वही दशा मोदी सरकार में होने वाली है। हरगोबिन्द का कहना है कि सरकार साजिश रच रही है, यह जानते हुए भी कि अस्सी प्रतिशत आबादी दलितों की है। जो पन्द्रह प्रतिशत लोग पढ़े-लिखे है वो सब जानते हैं। तहसीलदार राजेन्द्र शुक्ल का कहना है कि जिनसे सम्बन्धित ज्ञापन है, भिजवा दिया जायेगा।

रिपोर्टर- गीतादेवी और सुनीता प्रजापति

Published on Apr 2, 2018