अखतरी के जीवन केना कटतई

जिला सीतामढ़ी, प्रखण्ड सोनबरसा लालबन्दी रोड मुस्लिम टोल के अखतरी खातुन पुरे शरीर से विकलांग छथिन। उनकर उम्र अरतीस साल हो गेल हई। उनकर शादी भी न होयल हई। लेकिन आई तक उनका कोई लाभ न मिल रहल हई।
अखतरी खातुन कहलथिन कि हमर मोहम्मद इशलाम भी मर गेल छथिन। माई पुरनियो छथिन। अभी माई क साथे रहई छी उनका मरला के बाद हमर कि हाल होतई। कोन रखतई कोन कमाके खियतई। हमर जिन्दगी बेकार हई। इश्वर महिला त बना देलथिन, लेकिन पुरा महिला के रूप रेखा न देलथिन। एक त शरीर के विकाश न भेलई। दोसर पुरा शरीर से अपाहीज छी। चलते चलते गीर जाई छी। अगर कोई ध्यान न देथिन त हमर प्राण ओही तर निकल जतई। उनकर माई शैकुल खातुन कहलथिन कि बच्चे में एकर दुनु पैड़ टूट गेल। तहिया से एकर शरीर अढ़ाई फीट के ही रह गेलई। हमरा बेटी से के शादी करतियई।हमरा जिन्दगी में त दशा हई। मरला पर कोन हाल होतई। केतना बेर लोग विकलांग पंेसन के लेल लिख के नाम ले गेलथिन। लेकिन कुछों न भेलई।
मुखिया संजय कुमार अउर प्रखण्ड विकास पदाधिकारी श्री कांत ठाकुर कहलथिन कि जब शिविर लगई छई त आवेदन देथिन तब उनका नाम से लाभ मिलतई।