अंतरराष्ट्रीय लिंग अनुपात में भारत 108वें पायदान पर

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विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम) ने वैश्विक लिंग अंतर सूची (ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स) की रिपोर्ट जारी की है। इस सूची में भारत की रैंकिंग 21 पायदान नीचे खिसक गई है और भारत 108वें नंबर गया है।
बता दें कि भारत की अर्थव्यवस्था में महिलाओं की कम भागीदारी और कम वेतन की वजह से यह गिरावट दर्ज की गई है।
इस सूची में 21 पायदान फिसलने के साथ ही भारत अब बांग्लादेश और चीन से भी पीछे हो गया है। इस सूची में बांग्लादेश 47वें पायदान पर है, जबकि चीन 100 वें नंबर पर है।
विश्व आर्थिक मंच ने लिंग अंतर को 2006 में मापना शुरू किया था। उस समय भारत की रैंकिंग 2017 की रैंकिंग से 10 पायदान ऊपर थी।
भले ही भारत इस बार लिंग अंतर के मामले में 21 पायदान फिसल गया है, लेकिन दुनिया के आधे से अधिक देशों ने इस बार अपनी रैंकिंग में बढ़त दर्ज की है।
आइसलैंड ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स में पहले पायदान पर है। वहीं दूसरी स्थान पर नार्वे है। टॉप 10 के अन्य देशों में फिनलैंड तीसरे, रवांडा चौथे, स्वीडन पांचवें, निकारागुआ छठे, स्लोवेनिया सातवें, आयरलैंड 8 वें, न्यूजीलैंड 9 वें और फिलीपींस 10वें स्थान पर है।
भारत की अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को लेकर विश्व आर्थिक मंच ने कहा है कि अभी यह भारत के लिए बड़ी चुनौती है। भारत में महिलाओं को मिलने वाले अवसरों में भारत की रैंकिंग 139वीं है वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य और सर्वाइवल के मामले में भारत की रैंकिंग 141वीं है।